BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
मध्यप्रदेश के पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, OBC आरक्षण बना वजह... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Friday, December 17, 2021

मध्यप्रदेश के पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, OBC आरक्षण बना वजह...


   


रेवांचल टाईम्स - सुप्रीम कोर्ट ने आज पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election) को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की और सुनवाई के बाद पंचायत चुनाव को स्टे कर दिया है.

      नई दिल्लीः मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election) के लेकर सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज पंचायत चुनाव को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की और सुनवाई के बाद पंचायत चुनाव को स्टे कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि ओबीसी सीटों को फिर से नोटिफाई किया जाए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई है. जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की बेंच ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि सामान्य वर्ग की सीटों को फिर से रि-नोटिफाई कर उन्हें सामान्य वर्ग के लिए अधिसूचित किया जाए. लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, बेंच ने पाया कि ओबीसी आरक्षण का नोटिफिकेशन सर्वोच्च अदालत के पूर्व में दिए गए विकास किशनराव गवली वर्सेस महाराष्ट्र राज्य के फैसले के खिलाफ था. 

      सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून का पालन नहीं होगा तो भविष्य में चुनाव रद्द भी किए जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट अब 27 जनवरी को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे ही ओबीसी कोटा के चलते महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में भी स्टे कर दिया गया था. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा कोर्ट में पेश हुए. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग का पक्ष एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ और एडवोकेट कार्तिक सेठ ने रखा. 


वही वरिष्ट वकील विवेक तन्खा ने बताया कि कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को संविधान के हिसाब से चुनाव कराने का निर्देश दिया है. मध्य प्रदेश में आरक्षण रोटेशन प्रणाली का पालन नहीं किया गया है, जो कि संविधान की धारा 243 (C) का उल्लंघन है. 

          'आग से मत खेलिए'

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि "कृप्या आग से मत खेलिए. आपको स्थिति को समझना चाहिए. राजनीतिक मजबूरियों के आधार पर फैसले मत कीजिए. क्या हर राज्य का अलग पैटर्न होगा? सिर्फ एक संविधान है और आपको उसका पालन करना होगा. सुप्रीम कोर्ट भी एक ही है. यह चुनाव आयोग का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है. यह जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहा है.जब ऐसा ही एक आदेश दिया गया था, तब आप भी वहां थे. हम नहीं चाहते कि मध्य प्रदेश में कोई प्रयोग हो. महाराष्ट्र केस के हिसाब से इसे देखा जाना चाहिए."

       बता दें कि इससे पहले चुनाव में रोटेशन प्रणाली का पालन नहीं होने के चलते चुनाव पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से इंकार करते हुए 3 जनवरी को सुनवाई करने की बात कही. इस पर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए शुक्रवार को सुनवाई तय की थी.।

No comments:

Post a Comment